अमेरिका में बौद्ध सभ्यता

अमेरिका में बौद्ध सभ्यता

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अमेरिका में बौद्ध सभ्यता!

आचार्य चतुरसेन शास्त्री ने अपनी पुस्तक "बुद्ध और बौद्ध धर्म "में प्रोफेसर फायरमेन के हवाले से बताया है कि 14 सौ साल पहले बौद्ध भिक्षु अमेरिका पहुँचे थे और वहाँ बौद्ध धर्म का प्रचार किए थे।

चीन के प्राचीन ग्रंथों में जो " फुसम" नामक देश का वर्णन है ,वह मेक्सिको है। ह्वेनसांग ने लिखा है कि 5 वीं शती में सुंगवंशीय राजा थामिन के शासनकाल में 5 बौद्ध- भिक्षु काबुल से फुसम ( मेक्सिको ) गए थे और वहाँ उन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार किए। आगे ह्वेनसांग ने फुसम देश के फल, धातु और आचार- विचार के बारे में लिखा है जो अमेरिका के मूल निवासियों तथा मेक्सिको की सीमा पर रहनेवाले लोगों से मिलता- जुलता है।

चतुरसेन शास्त्री ने बताया है कि ये 5 बौद्ध- भिक्षु रूस की उत्तरी सीमा पर कामश्चारका प्रायद्वीप से पैसिफिक- महासागर को पार कर एलास्का की ओर से अमेरिका पहुँचे थे और फिर दक्षिण की ओर से मेक्सिको गए थे। इसीलिए मैक्सिको के मूल निवासियों की सभ्यता बौद्ध सभ्यता से मेल खाती है।

मैक्सिको में पुरोहित को " ग्वाते- मोट- निज " कहते हैं, वह गोतम का रूप है। और भी जैसे - शाकारापेक , शाकापुलाश। ये सब शाक्य शब्द से मिलते हैं। पालेस्के में एक प्राचीन बुद्ध की मूर्ति है , जिसे वे "शाकामोल " कहते हैं । शाकामोल अर्थात शाक्यमुनि।

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