179, 121, बौध्द लेणी क्या होता है  
:- बडे पहाड मे एक ही पत्थर मे 60 से ज्यादा विहार, कई गुफा, कई स्तूप, पत्थर मे पाणी के कुए होते हैं औंर अद्भुत तक्षण, उत्किर्णन ओर नकाशी( carving, engraving) से भरे होते हैं.

महाराष्ट्र मे 1500 से ज्यादा बौध्द लेणी हैं.
शिवाजी महाराज जिस किले पे जन्मे(शिवनेरी) उस कीले पे 70 बौध्द लेनीया (गुफा) हैं. मतलब शिवाजी महाराज इनी बौध्द गुफा मे बडे हुए थे. 
तानाजी जिस किले पे मारा गया वो कोंढाणा कीला बौध्द लेणी से भरा पडा है. महाराष्ट्र के लगभग सारे कीले बौध्द लेणी (गुफा) से लिप्त हैं.

32, कोंढाणा किल्ले का मूल नाम "कौंडिण्य" था.. 
ये बुद्ध परंपरा के एक अतीत बुद्ध का नाम है..
महारठ्ठ के सभी किल्ले सातवाहन ने ही बनाए हैं..

5, डॉ. भण्डारकर ने सातवाहनवंश को ब्राह्मणोतर माना है। किन्तु नासिक अभिलेख में गौतमी पुत्र शातकर्णि को क्षत्रियों के गर्व और मान को मर्दन करने वाला ब्राह्मण कहा गया है। अतएव उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि सातवाहन राजवंश ब्राह्मण
7, सेनार, ब्यूलर आदि अधिकांश विद्वानों ने सातवाहनों को ब्राह्मण माना है। डॉ. हेमचन्द्र राय चौधरी ने सातवाहनों को आन्ध्र का भृत्य बताते हुए लिखा है- ‘यह विश्वास करने योग्य बात है कि आन्ध्र-भृत्य अथवा सातवाहन राजा ब्राह्मण थे जिनमें कुछ नाग-रक्त का सम्मिश्रण था।’
6,  @kingtrade battle  Mere khayal se 'Mahur'  jo 'Devika' 'Shaktipith' hai jiska nam 'Renuka' hai o 'Maharashtra' ke 'Nashik' jilemehi aata hai. Vahi 'Renuka Devi' 'Gautami' hogi aur jo us 'Renuka Devika' putra hai jisko 'Parshuram' ... 

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